दिवाली की रात छिपकली का बोलना शुभ होता है या अशुभ? छिपकली बोलने का अर्थ

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दिवाली की रात छिपकली का बोलना
दिवाली की रात छिपकली का बोलना शुभ या अशुभ

छिपकली का बोलना वह भी रात में अक्सर शुभ नहीं माना जाता है। लेकिन दिवाली की रात को छिपकली का बोलना शुभ माना जाता है। यदि रात में घर के अंदर छिपकली अधिक बोल रही है तो इसका अर्थ है कि छिपकली को भोजन की जरूरत है। बता दें कि छिपकली एक मांसाहारी जीव है और जब छिपकली को भोजन नहीं मिलता है या फिर जब वह भूखी होती है तो बोलने लगती है।

छिपकली को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है। घर में छिपकली होने से ऐसा माना जाता है कि घर में माता लक्ष्मी का वास है। लेकिन छिपकली की पीठ पर कई प्रकार के जहरीले परजीवी पाए जाते हैं और यदि गलती से छिपकली भोजन में गिर जाए तो वह भोजन जहरीला हो जाता है। ऐसे भोजन को खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए यदि किचन में छिपकली दिखता है तो उसे भगा देना चाहिए। जानें – छिपकली भगाने के तरीके

दीवाली की रात को छिपकली बोलना

ऐसा माना जाता है कि दिवाली की रात को छिपकली का बोलना शुभ होता है। दिवाली में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। छिपकली को भी माता लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है। ऐसे में दिवाली की रात छिपकली के बोलने का अर्थ घर में माता लक्ष्मी के होने से लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि माता लक्ष्मी घर में वास है।

यदि आपको छिपकली दिन में तीसरे या चौथे पहर में पूर्व दिशा की तरफ बोलती सुनाई दे तो यह बहुत ही अच्छा संकेत होता है। ऐसा माना जाता है कि आपको बिजनेस के अंदर काफी फायदा होने वाला है। यदि आपका बिजनेस नहीं चल रहा था तो वह जल्द ही अच्छा प्रदर्शन करने लगेगा। हालांकि छिपकली को बोलते हुए सुनना काफी कठिन होता है।

बाहर जाते वक्त छिपकली का बोलना

घर से बाहर जाते वक्त या ऑफिस जाते वक्त छिपकली का बोलना शुभ माना जाता है। यह इस बात का संकेत होता है कि आपको नौकरी में तरक्की मिलने वाली है। आपको कहीं से धन लाभ भी हो सकता है।