कौवा को रोटी खिलाने से क्या होता है, कौवा बोलने का होता है ये मतलब

यदि किसी व्यक्ति के परिवार के सदस्य मृत्यु के बाद नीच योनी में चले जाते हैं तो उस परिवार और व्यक्ति पर पितृदोष लगता है। पितृदोष के कष्ट को कम करने के लिए श्राद्ध पक्ष में कौवों को रोटी खिलाने से पितृदोष का कष्ट कम होता है।

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कौवा को रोटी

कौवा हमारे घरों के आसपास ही होते हैं। कौवा को रोटी खिलाने से कई प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति कौवा को रोज भोजन खिलाता है तो उसके शत्रु का नाश हो जाता है। आइए जानते हैं कि कौवा को रोटी खिलाने से क्या-क्या लाभ होता है।

कौवा को भोजन देने से धीरे-धीरे शत्रु का नाश हो जाता है। शनिवार के दिन काला कौवा को रोटी खिलाने से पहले रोटी के ऊपर अपने शत्रु का नाम लिख दें। इससे आपका शत्रु का नाश हो जाता है। इसके अलावा रोटी में तेल लगातार कौवा को खिलाने से कुछ बुरा होने का विचार खत्म हो जाता है।

यदि किसी व्यक्ति के परिवार के सदस्य मृत्यु के बाद नीच योनी में चले जाते हैं तो उस परिवार और व्यक्ति पर पितृदोष लगता है। पितृदोष के कष्ट को कम करने के लिए श्राद्ध पक्ष में कौवों को रोटी खिलाने से पितृदोष का कष्ट कम होता है। रोटी खिलाने से पूर्वज तृप्त होते हैं।

काला कौवा भगवान शनिदेव का प्रतीक माना गया है। शनिवार के दिन काले कौवे को रोटी खिलाने से कुंडली में शनिदोष और शनि की साढ़ेसादी का प्रभाव कम होता है। काले कौवे को भोजन देने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में कष्ट कम होते हैं। पढ़ें- गाय को रोटी खिलाना होता है फायदेमंद, पुण्य के साथ-साथ मिलती हैं खुशियाँ

कई बार ऐसा होता है कि सुबह-सुबह घर की छत पर कौवा बोलने लगता है। ऐसा माना जाता है कि घर की छत पर कौवा का बोलना इस बात का संकेत होता है कि घर में कोई अतिथि आने वाला है। यदि आपकी छत पर भी कौवा दिखे तो उन्हें भोजन अवश्य देना चाहिए। ऐसा करने से घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है।

यदि घर में और व्यापार में आर्थिक नुकसान हो रहा है तो रोजाना कौवे को रोटी खिलाने से बिजनेस में आर्थिक नुकसान होना बंद हो जाता है। इसके साथ-साथ व्यक्ति के जीवन में भी आर्थिक समस्याएं कम होने लगती है। इसलिए कौवा को रोजाना कुछ न कुछ खाने को जरूर देना चाहिए। पढ़ें- सपने में कपिला गाय को देखने का क्या मतलब होता है, जानें

कुंडली में कालसर्प दोष होने पर व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जब कुंडली में राहु और केतू के बीच में सभी ग्रह आ जाते हैं तब कुंडली में कालसर्प दोष लगता है। ऐसे में कौवे को भोजन देने से कालसर्प दोष का असर कम हो जाता है या खत्म हो जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष से प्रभावित व्यक्ति या तो राजा की जिंदगी जीता है या फिर वह दाने-दाने के लिए भटकता है।