दीपक के फूल में अलग-अलग आकृतियाँ बनने का क्या अर्थ होता है?

दीपक के फूल में अलग-अलग आकृतियों बनने का मतलब कुछ खास नहीं होता है। यह संकेत जरूर होता है कि आपकी पूजा ईश्वर स्वीकार कर रहे हैं। ईश्वर के आशीर्वाद का संकेत आकृतियों के माध्यम से लोगों को प्राप्त होते हैं।

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दीपक के फूल में आकृति बनना
दीपक के फूल में आकृति बनना

पूजा करते वक्त हमेशा दीपक जलाना चाहिए। दीपक हमारे पूजा का साक्षी होता है। कई बार कई लोगों के दीपक में फूल बनता है। दीपक के फूल में अलग-अलग तरह की आकृतियाँ बनती है। दीपक के फूल में बनी विभिन्न आकृतियों का अलग-अलग मतलब होता है। घर के मंदिर में घी का दीपक, सरसों तेल का दीपक या फिर तिल के तेल का दीपक भी जला सकते हैं। जिन लोगों को जैसा सामर्थ्य है वो वैसे दीपक जला सकते हैं।

लगातार पूजा पाठ करने के बाद जब हम रोज दीपक जलाते हैं तो धीरे-धीरे हमें ईश्वर की तरफ से कुछ संकेत मिलने लगते हैं। यह संकेत दीपक के माध्यम से व्यक्ति को मिलते हैं। पूर्ण मन और आस्था के साथ दीपक जलाने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं और हमारी पूजा ईश्वर तक पहुंचने लगती है। शुरुआत में पूजा के वक्त दीपक के फूल में कोई आकृति नहीं बनती है। लेकिन जैसे-जैसे व्यक्ति की पूजा का स्तर ऊँचा होने लगता है, दीये के फूल में आकृतियाँ बनने लगती है।

जब आप नियम का पालन करते हुए पूजा करेंगे तो आप देखेंगे कि धीरे-धीरे आपकी पूजा के दीपक में फूल बनना प्रारंभ हो जाता है। यह ईष्टदेव का संकेत होता है कि वह आपकी पूजा को स्वीकार कर रहे हैं और आपकी पूजा सही हो रही है। दीपक के फूल में अलग-अलग आकृति का खास महत्व होता है। कोई कहता है कि डमरू के आकार की आकृति बनी है तो किसी के दीये में गुलाब के फूल की आकृति बनती है। किसी के दीपक में गणेश जी की आकृति तो किसी के दीपक में बांके बिहारी जी की आकृति बनती है।

ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर दीपक में बनने वाले आकृतियों के क्या संकेत होते हैं। आपके दीपक में कई बार ई्ष्टदेव की आकृति भी बन सकती है। इन संकतों के माध्यम से ईष्टदेव यह बताना चाहते हैं कि आपकी पूजा स्वीकार हो रही है और आपकी जो भी मनोकामना है वह अवश्य पूरी होगी। आपके अपने कार्यों में और मन लगाकर काम करने की जरूरत है। आपको आपके कार्य में सफलता जरूर मिलेगी।

यदि आपके दीपक में भी फूल की आकृति या कोई अन्य प्रकार की आकृति बनती है तो आप यह समझें कि आपकी पूजा को भगवान स्वीकार कर रहे हैं। आपके बिगड़े काम बनने वाले हैं। आपको जीवन में कष्टों का सामना कम करना पड़ेगा। खराब समय में ईश्वर हमेशा आपकी मदद करेंगे।

दीपक में त्रिशुल की आकृति बनना

यदि आपके दीपक में त्रिशूल की आकृति बनती है तो इसका मतलब है कि आप देवी मां या भगवान शिव के उपासक हैं और वह आपकी पूजा को स्वीकार कर रहे हैं। आपसे प्रसन्न हैं। इसलिए आपको अपनी पूजा किस समय अवधि को और बढ़ाना चाहिए। दान पुण्य करना चाहिए। इस जगत के सभी प्राणियों के प्रति दया भावना रखना चाहिए।

दीपक में चक्र की आकृति बनना

यदि आपके दीपक में चक्र की आकृति बनती है तो यह शुभ संकेत होता है। इसका मतलब होता है कि भगवान विष्णु आपकी पूजा से प्रसन्न है। यदि आप भगवान विष्णु के उपासक हैं और उनकी पूजा में दीपक का प्रयोग करते हैं तो ऐसी स्थिति में भगवान विष्णु चक्र के माध्यम से अपने भक्तों को संकेत देते हैं।

दीपक में बांसुरी और मोरपंख बनना

बांसुरी और मोर पंख भगवान श्री कृष्ण के प्रतीक होते हैं। ऐसे में दीपक में इस प्रकार की आकृतियों का बनना भगवान की कृपा के संकेत होते हैं। दीपक के फूल में आकृतियों के अलावा भगवान स्वप्न के माध्यम से भी अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। आप जिस भगवान की पूजा करते हैं, वह अगर सपने में आकर आप को दर्शन देते हैं तो इसका मतलब होता है कि आपकी पूजा ईश्वर पूर्ण रूप से स्वीकार कर रहे हैं और वह आपसे प्रसन्न हैं।